Payal vaya

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लेखनी प्रतियोगिता -04-Aug-2023

आज की कविता का टॉपिक-दुल्हन 


आज सजी हैं दुल्हन  प्रेम  के श्रृंगार से।
मन भावन मिला हैं सजना मेहँदी  के नाम से।।
आँखों  में नये सपने लेकर,
चली पिया के संग ,
दुल्हन  प्यारी  बनी देखों 
,मन मीत के ढंग।।
सपने हजार देखें हैं,
क्या  पिया कर पाएंग  पुरे।
सपनो की दुनिया भी क्या ,
कभी सच हो पायेगी। ।
क्या  कभी उसके सपने भी ,
साकार हो पाएँगे ।।
 मन चाहता हैं करूं भरोसा,
पर दिल गवाही ना देता  हैं।।
सजी हुई  थी दुनिया मेरी,
पर जाने  क्या  बात  हैं।
 क्या  कोई  समझ पाए ,
ऐसा  कोई  इंसान  नहीं।।
आज सजी हैं दुल्हन  प्रेम के श्रृंगार  से।
मन भावन मिला हैं सजना मेहंदी  के नाम से ।।

पायल वया 
ये कविता स्व रचित हैं।।।


 

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2 Comments

सुन्दर सृजन

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Gunjan Kamal

05-Aug-2023 01:08 AM

बहुत खूब

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